समाज कल्याण विभाग ने दूधली क्षेत्र में आयोजित विशेष शिविर में 250 जरूरतमंद लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए
देहरादून/ऋषिकेश (उत्तराखंड): समाज कल्याण विभाग की ओर से कुछ दिन पहले दूधली क्षेत्र में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ढाई सौ (250) से अधिक जरूरतमंद लाभार्थियों को विभिन्न सहायक उपकरण और आवश्यक सामग्री निःशुल्क वितरित की गई। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के दैनिक जीवन को सुगम बनाना था।
शिविर में लाभार्थियों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र (कान की मशीन), कमर की बेल्ट, छड़ी, बैसाखी सहित अन्य कई महत्वपूर्ण सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। विभाग ने सभी आवेदनों की गहन जांच के बाद केवल पात्र व्यक्तियों का ही चयन किया, ताकि योजनाओं का लाभ सही और वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने इस अवसर पर बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह शिविर क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ है। उन्होंने कहा, “ऐसे शिविर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और लोगों को सीधा लाभ पहुंचाते हैं।”
समाज कल्याण के अधीक्षक आकाशदीप ने विभाग के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पात्र व्यक्तियों को समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराना हमारा मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में कुल 250 लोगों को उपकरण वितरित किए गए और भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
कृत्रिम अंग एवं हड्डी विशेषज्ञ डॉ. सूचिक दास ने उपकरणों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सही और उचित सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजन तथा बुजुर्गों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर बन पाते हैं और अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां आसानी से कर सकते हैं।
शिविर से लाभान्वित लोगों ने समाज कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों की मदद से उनकी दैनिक जिंदगी काफी आसान और स्वतंत्र हो गई है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान दूधली अनूप सिंह, अंजू देवी, रफल सिंह, उमेश बोरा, रेखा देवी, वीरेंद्र थापा, सुनील दत्त सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यह शिविर समाज कल्याण विभाग की उन योजनाओं का हिस्सा है, जो उत्तराखंड में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए लगातार चलाई जा रही हैं।


