तस्वीरों में दिखने वाली यह जगह सहस्त्रधारा का चालंग गांव कभी खूबसूरत पहाड़ हुआ करता था परंतु जबसे बाहरी प्रदेश के भूमाफिया की नजर इन खूबसूरत पहाड़ों पर पड़ी तबसे भूमाफिया ने लगातार इन पहाड़ों पर खडे सैकड़ो प्रतिबंधित प्रजाति खेर के पेड़ो को काटकर अवैध कंक्रीट के जंगल में तब्दील कर दिया उक्त अवैध प्लाटिंग में नगर निगम ग्राम समाज गोल्डन फॉरेस्ट एवं वन विभाग की भूमि शामिल है तीन वर्ष पूर्व जिले की तेजतर्रार जिला अधिकारी सोनिका सिंह ने उक्त अवैध प्लाटिंग की संयुक्त जांच करवा कर उक्त जमीन को अवैध पाते हुए पूरी जमीन को सील कर दिया था बर्बादी यहीं नहीं रुकी आगे भी भू माफिया की प्रक्रिया जारी है लगातार उक्त जमीन पर अवैध बिल्डिंगों का निर्माण भूमाफिया ने फिर से शुरू कर दिया है वहीं विपक्ष के हरक सिंह रावत ने गोल्डन फारेस्ट की उक्त भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सरकार को घेरने का काम किया था परंतु डबल इंजन भू माफिया के आगे नतमस्तक होकर उक्त सरकारी संपत्ति पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य एवं अवैध अतिक्रमण पर खामोश है उक्त जमीन से लगते हैं बाकी के पहाड़ों एवं नगर निगम की जमीन को उपाध्याय नाम के नेता का छोटा भाई लगातार काटकर अवैध कब्जे कर रहा है एवं पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहा है वही भूमाफिया का दावा है कि सुबे के आका से उसके गहरे संबंध है जिसके चलते अवैध कार्य पर कोई कार्यवाही नहीं होगी देखना यह होगा कि दबंग जिलाधिकारी सोनिका सिंह की तरह नवनियुक्त जिला अधिकारी सवीन बंसल कोई कार्रवाई कर पाएंगे या फिर जीरो टॉलरेंस का दावा टाय टाय फिश हो जाएगा


