Friday, March 6, 2026
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सहारनपुर: पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल की 56 संपत्तियां कुर्क, मूल्य 276 करोड़ रुपये से अधिक सहारनपुर, 19 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में प्रशासन ने माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

सहारनपुर: पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल की 56 संपत्तियां कुर्क, मूल्य 276 करोड़ रुपये से अधिक

सहारनपुर, 19 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में प्रशासन ने माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत इकबाल की 56 बेनामी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है। इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 अरब 76 करोड़ रुपये बताई जा रही है।4fd21e

प्रशासनिक स्रोतों के अनुसार, यह कार्रवाई हाजी इकबाल और उसके गिरोह पर लगे गंभीर आरोपों के बाद की गई है। इकबाल ने अपने बेटों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित अपराधी गिरोह का गठन किया था। इस गिरोह पर खैर की लकड़ी की तस्करी, अवैध खनन, सरकारी और निजी जमीनों पर जबरन कब्जा करने जैसे अपराधों के आरोप हैं।1c61b9 जिला मजिस्ट्रेट के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से अर्जित की गई हैं और इन्हें सरकारी खजाने में नीलाम किया जाएगा।

संपत्तियों का प्रबंधन और सरकारी कब्जा

जिला मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले के बाद बेहट तहसीलदार को इन कुर्क संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संपत्तियों को सरकारी कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें भूमि, भवन और अन्य स्थिर संपत्तियां शामिल हैं, जो सहारनपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई हैं।60b6cf अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माफिया विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपराधियों की जड़ें उखाड़ना है।b59c27

हाजी इकबाल का आपराधिक इतिहास

हाजी इकबाल, जो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल (2007-2012) में सहारनपुर से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) रह चुके हैं, लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं।5717f9 मूल रूप से मिर्जापुर के निवासी, इकबाल ने अवैध खनन और लकड़ी तस्करी से अकूत धन संचय किया। बसपा सरकार में राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर उन्होंने लखनऊ तक अपना नेटवर्क फैलाया। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इकबाल पर दर्ज मामलों में हत्या, जबरी कब्जा और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इकबाल की गिरफ्तारी के बाद भी उसके गिरोह के सदस्य सक्रिय थे, लेकिन अब संपत्ति कुर्की से उनकी आर्थिक कमर टूट जाएगी। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, क्योंकि इकबाल का गिरोह क्षेत्र में दहशत का पर्याय था।

प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि कोई भी अपराधी कानून से ऊपर नहीं है। आगे की जांच में और संपत्तियां सामने आने पर उन्हें भी कुर्क किया जा सकता है। यह घटना योगी सरकार के ‘माफिया राज’ को समाप्त करने के संकल्प को मजबूत करती है।

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देहरादून: उत्तराखंड के आसन वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व (रामसर साइट) के निकट अवैध स्टोन क्रशरों के संचालन को लेकर मां यमुना रक्षक संघ ने तीखी आपत्ति जताई है। संघ ने 8 जनवरी 2026 को उप जिलाधिकारी विकासनगर के माध्यम से जिलाधिकारी देहरादून को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को ईमेल के जरिए मामला पहुंचाया गया है। ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे: स्थान और उल्लंघन: तहसील विकासनगर के ग्राम ढकरानी में यमुना नदी किनारे करीब 20 स्टोन क्रशर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। ये आसन झील से मात्र 4-5 किमी की दूरी पर हैं,
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