अभियंता से कराया दूषित पानी से कुल्ला
गंदे पानी की सप्लाई पर बवाल, 28 फीटा रोड पर फूटा लोगों का गुस्सा
विकासनगर: नगर पालिका क्षेत्र की 28 फीटा रोड पर पिछले 10 दिनों से सीवरयुक्त पेयजल आपूर्ति से नाराज लोगों का गुस्सा बुधस्पतिवार देर रात फूट पड़ा। सूचना के बावजूद समय पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचे जलकल अभियंता जयपाल चौहान को घेर लिया और विरोधस्वरूप उन्हें दूषित पानी से कुल्ला कराया।
लोगों का कहना है कि दूषित पानी पीने से एक महिला और एक युवक बीमार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार 28 फीटा रोड पर पिछले दस दिनों से घरों में सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। शुक्रवार रात जलकल अभियंता जयपाल चौहान मौके पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
वरिष्ठ समाचार संवाददाता ने कहा कि यदि दूषित पानी पीने से किसी की जान चली गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाग की लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्र की एक महिला समेत दो लोग दूषित पानी पीने से अस्वस्थ पहुंच चुके हैं। उनका आरोप है कि विभाग समस्या का समाधान करने के बजाय नई पेयजल लाइन निर्माण का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है।
निजी टैंकरों से भरवाना पड़ रहा पानी
सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति के कारण स्थानीय लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए निजी पेयजल टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। विभाग की ओर से भेजे जा रहे टैंकर क्षेत्र की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में लोग अपने खर्च पर निजी टैंकरों से पानी के टैंक भरवा रहे हैं।
समाधान करने के बजाय नई पेयजल लाइन निर्माण का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है।
28 फीटा रोड पर नई पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क।
जलकल अभियंता का घेराव करते जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग।
फोन तक नहीं उठाते जलकल अभियंता
पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जलकल अभियंता जयपाल चौहान लोगों के फोन तक नहीं उठाते। आक्रोशित लोगों ने उनसे दूषित पानी से कुल्ला कराया। उनका कहना है कि समस्या का समाधान होने के बजाय लोगों को धमकाया जाता है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जनता की शिकायतों की अनदेखी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
नीरज अग्रवाल ने बताया कि विभाग अभी तक दूषित पानी की आपूर्ति का वास्तविक फॉल्ट नहीं खोज पाया है, हालांकि शुक्रवार से पेयजल लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि स्थायी समाधान होने तक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
निजी टैंकर से टंकी में पानी भरते मकान मालिक।


