Saturday, March 7, 2026
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देहरादून में प्रशासन ने वन विभाग एवं सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की क्वायद शुरू की है वही शहस्त्रधारा के चालंगगांव में गोल्डन फॉरेस्ट नगर निगम एवं वन विभाग की मिली जुली भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर किए जा रहे भारी मात्रा में अवैध निर्माण

हरादून में जिला प्रशासन ने सरकारी और वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। हाल ही में बिष्ट गांव, घंघोड़ा (पोस्ट ऑफिस घंघोड़ा, मौजा बिष्ट गांव, परगना पछवादून, तहसील एवं जिला देहरादून) में वन विभाग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त निर्देशों पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व, वन, पुलिस और नगर निगम/पालिका की संयुक्त टीम द्वारा की गई। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकार की एक-एक इंच भूमि बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी अवैध अतिक्रमण, निर्माण या प्लाटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्य विवरण:

खसरा संख्या 949(क): कुल रकबा 1.3700 हेक्टेयर — वन विभाग के नाम दर्ज संरक्षित भूमि। यहां अवैध निर्माण, रास्ता बनाना और खुर्द-बुर्द करने की कोशिश की गई थी, जिसे तत्काल ध्वस्त किया गया।

खसरा संख्या 986: रकबा 0.1700 हेक्टेयर — जंगल-झाड़ी के खाते में दर्ज।

खसरा संख्या 949(क) (अतिरिक्त): रकबा 0.3700 हेक्टेयर — वन विभाग के खाते में।

इन क्षेत्रों से सटी कुछ निजी भूमि (अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की) पर भी अवैध प्लाटिंग की तैयारी चल रही थी। जांच में पाया गया कि इन प्लॉटों तक कोई वैध आवागमन मार्ग नहीं था, इसलिए कुछ लोगों ने वन भूमि पर अवैध पक्का रास्ता बनाकर कब्जा किया था। इस रास्ते को भी ध्वस्त कर वन भूमि को मुक्त कराया गया। कुल मिलाकर ढाई हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया गया।

प्रशासन का रुख:

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा है कि सरकारी भूमि पर कोई भी अवैध कब्जा, निर्माण या उपयोग बर्दाश्त नहीं होगा। नियमित ड्राइव चलाई जा रही हैं और आगे भी जारी रहेंगी। यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी की मिलीभगत पाई गई तो कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई होगी। अवैध प्लाटिंग पर भी सघन जांच अभियान चल रहा है — नियम विरुद्ध प्लाटिंग को ध्वस्त करने के साथ दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग की निष्क्रियता के चलते हुए अतिक्रमणों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है।

आमजन से अपील:

प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि:

भूमि खरीद-बिक्री से पहले राजस्व अभिलेखों (खाता-खतौनी) की जांच जरूर करें।

अवैध कब्जे, प्लाटिंग या अन्य गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक हित और शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे प्रयास पाए गए तो कड़ी दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

वही राजधानी दून में लगातार जारी अवैध प्लाटिंग का सिलसिला सरकार के दावे हवा हवाई

सहस्त्रधारा हेलीपैड के पीछे चालंग गांव की गोल्डन फॉरेस्ट नगर निगम वन विभाग की मिली जुली लगभग 120 बीघा भूमि पर मिलेनियम हिल्स के नाम से एक अवैध प्लाटिंग की गई है जिसे पूर्व जिलाधिकारी सोनिका सिंह ने संयुक्त टीमों की जांच के बाद अवैध पाते हुए सीज कर दिया था वहीं विपक्ष के नेता हरक सिंह रावत ने भी हाल ही में गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि पर की गई उक्त प्लाटिंग को लेकर सरकार पर निशाना साधा था परंतु वर्तमान में उक्त प्लाटिंग पर जमकर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं पूरे पहाड़ को कंक्रीट के जंगल में बदलने की कवायद जारी है आखिर किस सफेद पोश के संरक्षण में उक्त अवैध प्लाटिंग चल रही है विपक्ष को बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का मुद्दा मिल रहा है

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