विकासनगर (देहरादून) में लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही कैनाल बाईपास सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है। अंबाड़ी से हरबर्टपुर तक फैले इस मार्ग का निर्माण करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा था, लेकिन अब यह काम अधर में लटक गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस रुकावट के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप है, जिससे जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
निर्माण कार्य की स्थिति
यह बाईपास सड़क विकासनगर बाजार में ट्रैफिक जाम से राहत देने और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। नवंबर 2025 में इसका निर्माण शुरू हुआ था और क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने गुणवत्ता के साथ काम कराने का दावा किया था। हाल की खबरों के अनुसार, डामरीकरण (asphalting) का काम शुरू हो चुका था और यह मार्ग जल्द ही भारी वाहनों के लिए खुलने वाला था। लेकिन अब निर्माण रुक गया है, जिससे पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहा है।
रुकावट का कारण
निर्माण एजेंसी के अनुसार, काम इसलिए ठप पड़ा क्योंकि जिला पंचायत सदस्य सुमित नेगी (जिन्हें स्थानीय संदर्भ में सुमित के रूप में उल्लेख किया गया है) ने हॉट मिक्स प्लांट को बंद करवा दिया। यह प्लांट सड़क निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे गर्म तारकोल मिश्रण) तैयार करता है। सुमित नेगी ने पहले भी बरोटीवाला और लक्ष्मीपुर जैसे क्षेत्रों में हॉट मिक्स प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं, जहां स्थानीय निवासियों की शिकायतों (प्रदूषण, स्वास्थ्य जोखिम आदि) पर उन्होंने कार्रवाई कराई, यहां तक कि हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा और कुछ प्लांट बंद हुए।
हालांकि, इस विशेष कैनाल बाईपास प्रोजेक्ट में प्लांट बंद होने से सीधे निर्माण प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया और सवाल
स्थानीय लोग पूछ रहे हैं:
जनता ने नेताओं को विकास कार्य कराने के लिए चुना है या रुकवाने के लिए?
कई सालों से ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों से जूझ रही जनता को कब राहत मिलेगी?
क्या यह 10 करोड़ का विकास कार्य पूरा होगा, या पैसा बर्बाद हो जाएगा?
कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों ने भी देरी पर आक्रोश जताया है और तीन दिनों के अंदर काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, विधायक के दावे अब “हवाई” लग रहे हैं, क्योंकि काम रुका हुआ है।
आगे क्या?
प्रशासन और संबंधित विभागों को जल्द हस्तक्षेप कर प्लांट की वैकल्पिक व्यवस्था या विवाद सुलझाने की जरूरत है, ताकि यह महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरा हो सके। क्षेत्रवासियों की उम्मीद है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से यह सड़क जल्द बनकर तैयार होगी और विकास का पैसा वास्तव में जनहित में लगेगा।


