BIG BREAKING: देहरादून के दो बड़े अधिकारियों पर गिरेगी गाज! जनगणना में लापरवाही पर ‘जेल’ जाने की नौबत!
देहरादून: भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण मिशन ‘जनगणना’ (Census) में लापरवाही बरतना दो सैन्य क्षेत्र के अधिकारियों को भारी पड़ने वाला है। गढ़ी कैंट और क्लेमेंटाउन कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के खिलाफ जिलाधिकारी और गृह मंत्रालय ने कड़ी कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
क्यों हो रही है कार्रवाई?
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना की तैयारियों के लिए बैठकें बुलाई गई थीं। आरोप है कि:
28 जनवरी और 31 जनवरी को हुई महत्वपूर्ण बैठकों से दोनों सीईओ गायब रहे।
अधिकारियों को फोन और लिखित नोटिस दिया गया, फिर भी उन्होंने बैठक में आना जरूरी नहीं समझा।
उनकी अनुपस्थिति के कारण छावनी क्षेत्रों का निर्धारण नहीं हो सका और राष्ट्रीय कार्य रुक गया।
⚖️ ‘Census Act 1948’ के तहत मुकदमा!
निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय) ने इस लापरवाही को बेहद गंभीर माना है। अब Census Act, 1948 की धारा 6, 7 और 11 के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बड़ी बात: इन धाराओं के उल्लंघन में दोषियों को एक माह तक के कारावास (Jail) की सजा का प्रावधान है।
डीएम देहरादून का सख्त रुख:
जिलाधिकारी (प्रमुख जनगणना अधिकारी) ने साफ़ कर दिया है कि केंद्र सरकार के निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब दोनों अधिकारियों को गृह मंत्रालय को जवाब देना होगा।


