विकासनगर के नवाबगढ़ में जर्जर स्कूल भवन पर बुलडोजर एक्शन रुका: प्रधान समर्थकों ने बोली प्रक्रिया में बवाल किया, डीएम के आदेश की धज्जियां
विकासनगर (देहरादून), 13 फरवरी 2026 – जनपद देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा जिले भर के जर्जर और गिरासू स्कूली भवनों पर सख्त कार्रवाई के आदेश के बावजूद, तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाबगढ़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बुलडोजर एक्शन की प्रक्रिया आज अचानक रुक गई। यह घटना जनहित और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सरकारी कार्य में बाधा के रूप में देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डीएम सविन बंसल ने जनपद में 100 से अधिक जर्जर स्कूली भवनों की पहचान के बाद शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मंगवाई थी। रिपोर्ट में कई भवन पूरी तरह असुरक्षित पाए गए, जिनमें बच्चों की जान को खतरा था। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने ऐसे भवनों को ध्वस्त कर नए निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए थे। नवाबगढ़ पूर्व माध्यमिक विद्यालय की खस्ताहाल इमारत भी इसी सूची में शामिल थी, जो किसी भी समय गिरकर छात्रों की जान ले सकती थी।
डीएम के आदेश पर इस भवन के ध्वस्तीकरण के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया चल रही थी। अंतिम बोली का समय 13 फरवरी 2026 रखा गया था, और 10 दिनों के भीतर मलबा हटाने का लक्ष्य था ताकि बच्चों की पढ़ाई जल्द से जल्द सामान्य हो सके। लेकिन आज बोली प्रक्रिया के दौरान वर्तमान प्रधान के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने सरकारी काम में बाधा डाली और बोली को रोक दिया।
प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने प्रधान को पहले ही इस बारे में सूचित कर दिया था, लेकिन जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से आज यह जनहित का कार्य रुक गया। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की एक नहीं चली।
यह घटना सवाल खड़े कर रही है कि क्या कोई जनप्रतिनिधि सरकारी आदेशों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कार्य को रोक सकता है? जनप्रतिनिधियों को विकास कार्य कराने के लिए चुना जाता है या उन्हें बाधित करने का अधिकार मिल जाता है? डीएम स्तर के आदेश इतने कमजोर हैं कि एक स्थानीय प्रतिनिधि के समर्थक कुछ ही मिनटों में उनकी हवा निकाल दें?
स्थानीय लोग और अभिभावक अब चिंतित हैं कि क्या यह सरकारी कार्य आगे बढ़ पाएगा या बच्चे लंबे समय तक खतरनाक और जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर रहेंगे। प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस बाधा को दूर करने के लिए जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
जिलाधिकारी सविन बंसल की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जिले में जर्जर स्कूलों पर बुलडोजर एक्शन तेजी से चल रहा है, लेकिन नवाबगढ़ की यह घटना स्थानीय स्तर पर चुनौती पैदा करती दिख रही है।


