सीबीआई का बड़ा एक्शन: एलटीसी चिटफंड घोटाले में पांच आरोपी गिरफ्तार, सरगना भी सलाखों के पीछे
देहरादून। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के चर्चित एलटीसी चिट फंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें घोटाले का सरगना भी शामिल है।
सीबीआई की टीम ने देश के विभिन्न राज्यों से सूत्रों की गोखर, राजेश सिंह बिष्ट, लखन कुमार मीना, गौरव रोहिला और ममता भंडारी को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को देहरादून में गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर लिया गया है।
घोटाले का विवरण
आरोपियों पर मेसर्स सोनाली अवनी मल्टी ट्रेड प्रा. लि. चिट फंड को ऑपरेटिव सोसाइटी (एलटीसी) के रूप में संचालित कर धोखाधड़ी करने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक, इन लोगों ने 26 नवंबर 2025 के आसपास चिट फंड की आड़ में लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये जमा कराए, लेकिन पैसे लौटाने की बजाय फर्जी गतिविधियां दिखाकर घोटाला रचा।
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पीड़ितों को मिली राहत
यह घोटाला उत्तराखंड के सैकड़ों निवासियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था। आम लोगों, खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई चिट फंड में लगाई थी, लेकिन पैसा डूब गया। सीबीआई की इस कार्रवाई से पीड़ितों में काफी राहत और उम्मीद जगी है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, आगे भी छापेमारी और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घोटाले की पूरी रकम और फंड का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ, इसकी जांच चल रही है।
सीबीआई की यह कार्रवाई उत्तराखंड में चिट फंड कंपनियों के नाम पर हो रहे घोटालों के खिलाफ सख्त रुख का संकेत देती है। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए आधिकारिक सूत्रों पर नजर बनाए रखें


