नो व्हीकल डे : पहले ही दिन दिखा व्यापक असर, अफसर सानो व्हीकल डे : पहले ही दिन दिखा व्यापक असर, अफसर साइकिल पर
16 किमी साइकिल चला दफ्तर पहुंचे सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी
देहरादून। ईंधन संकट के कारण पैदा हुए हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर राज्य में शनिवार को नजर आया। सूचना विभाग के अलावा कई अन्य विभागों में अफसर साइकिल, पैदल या सावर्जनिक परिवहन का उपयोग कर दफ्तर पहुंचे। उधर, परिवहन विभाग ने भी एसओपी जारी कर दी।
बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना कामकाज करने के साथ ही मंत्री, विधायकों, अफसरों को नो व्हीकल डे, सावर्जनिक परिवहन का इस्तेमाल पर जोर दिया। इसके लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। कई विभागों ने इस पर अमल शुरू कर दिया।
शनिवार को सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी रिंग रोड से होते हुए करीब 16 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपने दफ्तर पहुंचे। उन्होंने विभाग में शनिवार को नो व्हीकल डे घोषित किया है। विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने अपने वाहन पार्क स्थित आवास से करीब 15 किमी पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे। अपर निदेशक सावर्जनिक परिवहन से पहुंचे। इसके साथ अन्य-अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी सावर्जनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक स्कूटी, साइकिल का उपयोग कर इस अभियान को सफल बनाया।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा विभाग की इस पहल को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
परिवहन विभाग की एसओपी, सावर्जनिक परिवहन का करें इस्तेमाल
परिवहन विभाग ने भी ईंधन संकट के समाधान के साथ अटार्टो, ई-अटार्टो कार्यालयों, परिवहन मुख्यालय के लिए एसओपी जारी कर दी है। अपर परिवहन आयुक्त कुमार पिंजर सिंह के इस आदेश के मुताबिक, कार्यालयों में होने वाले बैठकों में भौतिक रूप से उपस्थिति आवश्यक होने पर ही अनिवार्य होगी। बाकी सभी बैठकों में अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। कार्यालयों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री तक रखा जाएगा। अनावश्यक रोशनी और सजावटी लाइटिंग पर नियंत्रण किया जाएगा। सभी अधिकारी, कर्मचारियों को ऑफिस में साइकिल परिवहन का इस्तेमाल करना होगा। जिन अफसरों, कर्मचारियों के पास ई-वाहन हैं, वे कार्यालय आवागमन के लिए ई-वाहनों का प्रयोग प्राथमिकता के आधार पर करें। निजी वाहनों से आने वाले कर्मिक रोजाना कार्यालय आने के लिए कार पूलिंग व्यवस्था का उपयोग करें। निजी वाहनों की अनावश्यक विदेश यात्रा से बचें।इकिल पर
16 किमी साइकिल चला दफ्तर पहुंचे सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी
देहरादून। ईंधन संकट के कारण पैदा हुए हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर राज्य में शनिवार को नजर आया। सूचना विभाग के अलावा कई अन्य विभागों में अफसर साइकिल, पैदल या सावर्जनिक परिवहन का उपयोग कर दफ्तर पहुंचे। उधर, परिवहन विभाग ने भी एसओपी जारी कर दी।
बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना कामकाज करने के साथ ही मंत्री, विधायकों, अफसरों को नो व्हीकल डे, सावर्जनिक परिवहन का इस्तेमाल पर जोर दिया। इसके लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। कई विभागों ने इस पर अमल शुरू कर दिया।
शनिवार को सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी रिंग रोड से होते हुए करीब 16 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपने दफ्तर पहुंचे। उन्होंने विभाग में शनिवार को नो व्हीकल डे घोषित किया है। विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने अपने वाहन पार्क स्थित आवास से करीब 15 किमी पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे। अपर निदेशक सावर्जनिक परिवहन से पहुंचे। इसके साथ अन्य-अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी सावर्जनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक स्कूटी, साइकिल का उपयोग कर इस अभियान को सफल बनाया।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा विभाग की इस पहल को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
परिवहन विभाग की एसओपी, सावर्जनिक परिवहन का करें इस्तेमाल
परिवहन विभाग ने भी ईंधन संकट के समाधान के साथ अटार्टो, ई-अटार्टो कार्यालयों, परिवहन मुख्यालय के लिए एसओपी जारी कर दी है। अपर परिवहन आयुक्त कुमार पिंजर सिंह के इस आदेश के मुताबिक, कार्यालयों में होने वाले बैठकों में भौतिक रूप से उपस्थिति आवश्यक होने पर ही अनिवार्य होगी। बाकी सभी बैठकों में अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। कार्यालयों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री तक रखा जाएगा। अनावश्यक रोशनी और सजावटी लाइटिंग पर नियंत्रण किया जाएगा। सभी अधिकारी, कर्मचारियों को ऑफिस में साइकिल परिवहन का इस्तेमाल करना होगा। जिन अफसरों, कर्मचारियों के पास ई-वाहन हैं, वे कार्यालय आवागमन के लिए ई-वाहनों का प्रयोग प्राथमिकता के आधार पर करें। निजी वाहनों से आने वाले कर्मिक रोजाना कार्यालय आने के लिए कार पूलिंग व्यवस्था का उपयोग करें। निजी वाहनों की अनावश्यक विदेश यात्रा से बचें।


