देहरादून/नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा के पेपर लीक महाघोटाले और CBSE की डिजिटल कॉपियों की जांच में उजागर हुई गंभीर विसंगतियों ने पूरे देश के छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस प्रशासनिक फियasko को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार 8 जून को उग्र जन-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
उक्रांद ने एक बयान में कहा कि दिन-रात मेहनत करके NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले करोड़ों छात्रों के सपनों को प्रशासनिक लापरवाही और अक्षमता ने अंधकार में धकेल दिया है। NTA की बार-बार सामने आ रही नाकामियों और केंद्रीय बोर्ड प्रणाली में फैली अव्यवस्था ने साबित कर दिया है कि देश का शीर्ष शिक्षा तंत्र पूरी तरह चरमरा चुका है।
उक्रांद का आरोप
बयान में कहा गया है कि जब देश की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं की शुचिता ही सुरक्षित नहीं है, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान किस नैतिकता के आधार पर अपने पद पर बने हुए हैं। उक्रांद ने मंत्री से अपील की है कि अपने मंत्रालय और अधीनस्थ संस्थाओं की इस ऐतिहासिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे दें।
8 जून को होगा पुतला दहन
उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता 8 जून (सोमवार) को राज्यभर में उग्र प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा और महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उक्रांद ने चेतावनी दी है कि जब तक देश और उत्तराखंड के युवाओं को पूर्ण न्याय तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
NEET पेपर लीक मामले में देशभर में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। कई राज्यों में छात्र आंदोलन चल रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग जोर पकड़ रही है।


