देहरादून : देहरादून-हिमाचल मार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत को लेकर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके बाद मरम्मत कार्य किया गया।
आर्येंद्र शर्मा ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि बाढ़ और नदी कटाव से क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत केवल मिट्टी भरकर नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) के निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार तकनीकी निरीक्षण, एम्बैंकमेंट का पुनर्निर्माण, लेयर-वाइज कम्पैक्शन, ढलान सुरक्षा, ड्रेनेज व्यवस्था और गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही सड़क को यातायात के लिए खोला जाना चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि इन मानकों और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किए बिना जल्दबाजी में मरम्मत की गई है, तो भविष्य में सड़क दोबारा धंसने, कटाव बढ़ने और गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रह सकता है।
कांग्रेस नेता ने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ समिति से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि संयुक्त निरीक्षण की तकनीकी रिपोर्ट, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और अपनाई गई एसओपी को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
आर्येंद्र शर्मा ने सरकार, एनएचएआई और संबंधित विभागों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने, यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देहरादून और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और तकनीकी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।


