अवैध खनन पर कार्रवाई से सुरक्षियों में आए एसडीओ राजीव नयन सस्पेंड
देहरादून, प्रमुख संवाददाता। आसन बेराज और विकासनगर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सुरक्षियों में आए चकराता वन प्रभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को सीमावार को सरकार ने निलंबित कर दिया। उन पर मंत्री सुबोध उनियाल की बैठक में अनुपस्थित रहने समेत कई आरोप हैं।
नौटियाल ने अपने कार्यकाल में आसन नदी क्षेत्र में अवैध खनन और वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाए थे। कई वाहन सीज किए गए और जुर्माना भी लगाया गया। इन कार्रवाइयों के बाद उनका कथित खनन माफिया और कुछ स्थानीय लोगों से विवाद भी चर्चा में रहा। विकासनगर में कार्रवाई के दौरान उनके साथ मारपीट और अभद्रता का मामला भी सामने आया था। इसके बाद उन्होंने शासन और वन विभाग को पत्र लिखकर खनन माफिया से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी।
मंत्री की बैठक में गैरहाजिरी समेत कई आरोपों के बाद हुई कार्रवाई
पहले खनन माफिया से जान का खतरा बताकर मांग चुके सुरक्षा
एनजीटी गया था मामला
आसन नदी में अवैध खनन के मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी गंभीरता से लेते हुए सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पिछले वर्ष उनके तबादले के आदेश पर उन्होंने हाईकोर्ट से स्टेगन आदेश भी प्राप्त किया था।
वन विभाग में स्वीकार्य नहीं अनुशासनहीनता
इस प्रकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने चकराता के एसडीओ के निलंबन को पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
(अन्य छोटे-मोटे वाक्य भी इसी क्रम में हैं।)
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अवैध खनन पर कार्रवाई से सुरक्षियों में आए एसडीओ राजीव नयन सस्पेंड
देहरादून, प्रमुख संवाददाता। आसन बेराज और विकासनगर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सुरक्षियों में आए चकराता वन प्रभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को सीमावार को सरकार ने निलंबित कर दिया। उन पर मंत्री सुबोध उनियाल की बैठक में अनुपस्थित रहने समेत कई आरोप हैं।
नौटियाल ने अपने कार्यकाल में आसन नदी क्षेत्र में अवैध खनन और वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाए थे। कई वाहन सीज किए गए और जुर्माना भी लगाया गया। इन कार्रवाइयों के बाद उनका कथित खनन माफिया और कुछ स्थानीय लोगों से विवाद भी चर्चा में रहा। विकासनगर में कार्रवाई के दौरान उनके साथ मारपीट और अभद्रता का मामला भी सामने आया था। इसके बाद उन्होंने शासन और वन विभाग को पत्र लिखकर खनन माफिया से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी।
मंत्री की बैठक में गैरहाजिरी समेत कई आरोपों के बाद हुई कार्रवाई। पहले खनन माफिया से जान का खतरा बताकर मांग चुके सुरक्षा।
एनजीटी गया था मामला। आसन नदी में अवैध खनन के मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी गंभीरता से लेते हुए सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पिछले वर्ष उनके तबादले के आदेश पर उन्होंने हाईकोर्ट से स्टेगन आदेश भी प्राप्त किया था।
वन विभाग में स्वीकार्य नहीं अनुशासनहीनता। इस प्रकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने चकराता के एसडीओ के निलंबन को पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
वहीं क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय समाजसेवीओ का कहना है कि यदि नेता मंत्री माफियाओं के आका बने रहेंगे और ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को इस तरह से सस्पेंड करेंगे कोई और अधिकारी माफियाओं पर कार्रवाई करने से डरेगा प्रदेश भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा


