प्रधानमंत्री के आदर्श गांव के सपने को पलीता लगाता ग्राम पंचायत नवाबगढ़
विकासनगर (देहरादून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आदर्श गांव’ के विजन को ग्राउंड पर धूल चाटते देखना हो तो उत्तराखंड की तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाबगढ़ का शक्ति विहार फेस थर्ड इलाका देख लीजिए। घनी आबादी वाली इस कॉलोनी में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सड़क तो दूर, बरसाती पानी की निकासी के लिए नालियां तक नहीं बनी हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, शक्ति विहार फेस थर्ड में कच्ची सड़क पर बरसात के मौसम में घुटनों तक पानी भर जाता है। कीचड़ भरी इस सड़क पर रोजाना छोटे स्कूली बच्चे स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। उनके कपड़े रोजाना कीचड़ से खराब हो जाते हैं। बरसात के पानी में पनपने वाले मच्छर और मक्खियां डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रही हैं।
फंड आया, सड़क गायब
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त सड़क निर्माण के लिए धनराशि काफी समय पहले स्वीकृत हो चुकी थी और राशि भी आ गई थी। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कथित तौर पर इस राशि का गबन कर लिया। नतीजा — सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
“हम कई बार पंचायत और ब्लॉक स्तर पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पैसा आया था, सड़क कहां गई? यह सवाल हर कोई पूछ रहा है।”
ग्राम पंचायत नवाबगढ़ में सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव पूरे क्षेत्र के लिए आम समस्या बन गया है। प्रधानमंत्री के आदर्श गांव मिशन के तहत विकास की बातें तो ऊंचे-ऊंचे मंचों से की जाती हैं, लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं।
जिम्मेदार कौन?
ग्राम पंचायत के जिम्मेदार, ब्लॉक विकास अधिकारी, जिला पंचायत से निर्वाचित सदस्य — सभी पर स्थानीय लोगों ने मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आदर्श गांव का सपना इन लोगों ने मिलकर चकनाचूर कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार भ्रष्टाचार मुक्त भारत और सुशासन की बात करते हैं। लेकिन जब ग्रामीण स्तर पर फंड का दुरुपयोग होता है तो ऐसे मामलों में जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? खबर प्रकाशित होने के बाद देखना यह होगा कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेता है या फिर भ्रष्टाचार की इस कड़ी को और मजबूत होने देता है।
स्थानीय लोगों की मांग
तुरंत सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाए
नालियों का निर्माण कर बरसाती पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए
फंड के गबन की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए
ग्राम पंचायत नवाबगढ़ के इस मामले ने विकास योजनाओं की धरातल पर पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन, पंचायती राज विभाग और संबंधित अधिकारी इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाते हैं।


