नैनीताल हाईकोर्ट ने विकासनगर के साईं कृपा स्टोन क्रशर को दी राहत, अंतरिम रोक हटा
देहरादून/नैनीताल: नैनीताल हाईकोर्ट ने विकासनगर के भीमावाला क्षेत्र में स्थित साईं कृपा स्टोन क्रशर यूनिट के संचालन पर लगी अंतरिम रोक को हटा दिया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता स्कंद कुमार सिंह ने क्रशर यूनिट के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि यह घनी आबादी, सरकारी इंटर कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र और ग्राम पंचायत कार्यालय के निकट स्थापित की जा रही है, जो पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का उल्लंघन है। याचिका में दावा किया गया कि यूनिट 200 मीटर की निषिद्ध दूरी के अंदर है, जिससे स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के जुलाई 2023 के दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन बताया गया।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान 25 जुलाई 2025 को कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए क्रशर के निर्माण और संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
क्रशर स्वामी की दलीलें और निरीक्षण रिपोर्ट
इसके बाद क्रशर संचालक ने रोक हटाने के लिए आवेदन किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह मामले की जल्द सुनवाई कर उचित आदेश पारित करे।
हाईकोर्ट के निर्देश पर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विशेषज्ञ समितियों ने कई बार स्थल निरीक्षण किए। इन रिपोर्टों में पाया गया कि:
यूनिट की उत्पादन क्षमता, वायु गुणवत्ता और ध्वनि स्तर सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं।
फरवरी 2026 (16 से 18 फरवरी) के दौरान तीन सदस्यीय समिति के परीक्षण में कार्यप्रणाली और पर्यावरणीय प्रभाव सीमाओं के अंदर पाए गए।
ट्रायल रन के दौरान भी प्रदूषण स्तर सुरक्षित रहा।
क्रशर स्वामी ने कोर्ट को बताया कि यूनिट को 2024 में लीज और 2025 में संचालन की अनुमति पहले ही मिल चुकी थी। याचिका दायर होने से पहले ही यह कार्यरत थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि CPCB के दिशा-निर्देश बाध्यकारी नहीं हैं।
कोर्ट का फैसला
सभी दलीलों, निरीक्षण रिपोर्टों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने पाया कि अंतरिम रोक जारी रखने का कोई ठोस आधार नहीं है। इसलिए 25 जुलाई 2025 का अंतरिम आदेश निरस्त कर दिया गया।
हालांकि, कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए इसे 4 मई 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल साईं कृपा स्टोन क्रशर यूनिट को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। यह फैसला पर्यावरण मानकों पर आधारित निरीक्षण रिपोर्टों को प्राथमिकता देने का उदाहरण माना जा रहा है।


