मकान की सुरक्षा दीवार की खोदाई के दौरान मिले अवशेष, पत्थरों पर उकेरी गई कलाकृतियां भी शामिल
लारखामंडल में खोदाई के दौरान मिली प्राचीन मूर्ति, पुरातत्व विभाग ने किया संरक्षित
चकराता। शिवनगरी लारखामंडल में एक मकान की सुरक्षा दीवार की बुनियाद की खोदाई के दौरान प्राचीन मूर्ति व अवशेष मिले हैं। इसे लेकर क्षेत्र में उत्कृष्टता का माहौल बना हुआ है। कारण कि लारखामंडल धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
ग्राम प्रधान बीना भट्ट ने बताया कि जेसीबी मशीन से खोदाई के समय सोमवार को मजदूरों और स्थानीय लोगों ने पत्थरों पर उकेरी गई आकृतियां देखीं। इसमें एक प्राचीन मूर्ति व दो टूटे हुए हिस्से तथा पत्थर पर बनी कलाकृतियां शामिल हैं। संभावना जताई जा रही है कि ये मूर्ति व अवशेष किसी पुराने मंदिर या ऐतिहासिक संरचना से जुड़े हो सकते हैं। सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे।
भगवान शिव व महाभारत से जुड़ी मान्यताओं के कारण लारखामंडल है प्रसिद्ध
एकरा हो गए।
ग्राम प्रधान ने बताया कि क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए पुरातत्व विभाग ने मिली मूर्ति को संग्रहालय कक्ष में सुरक्षित रखवाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है लारखामंडल महाभारतकालीन इतिहास और भगवान शिव से जुड़ी मान्यताओं के कारण देश भर में प्रसिद्ध है। यहां प्राचीन धरोहरों का मिलना क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को मजबूत करता है। ग्रामीणों ने पुरातत्व विभाग से विस्तृत सर्वेक्षण कराने की मांग की है। पुरातत्व विभाग के प्रभारी अधीक्षक मोहन जोशी ने बताया कि लारखामंडल में मिली प्राचीन मूर्ति संग्रह कक्ष में सुरक्षित है।
ऐतिहासिक नगरी में दबे हैं प्राचीन सभ्यता के अवशेष व्यापक सर्वेक्षण कराने की मांग
चकराता। जनजातीय क्षेत्र जनजातीय अनपार प्राचीन इतिहास को लेकर हमेशा चर्चाओं में रही है। यहां घरों और खेतों की खोदाई में समय-समय पर प्राचीन मूर्तियां मिलती हैं। पुरातत्व विशेषज्ञ इस क्षेत्र को अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है लारखामंडल की धरती के नीचे प्राचीन सभ्यता के अवशेष आज भी दबे हैं। गांव में पहले भी खेतों की जोताई और मकानों की खोदाई में शिवलिंग और देवी-देवताओं की मूर्तियां मिल चुकी हैं। कई ग्रामीण इन्हें आराध्या से जोड़कर पूजा पाठ भी करते हैं। मान्यता है कि कबीरों की ओर से पांड़वों को जलाने के लिए बनवाया गया लारखामंडल इसी क्षेत्र में था। ग्रामीणों ने प्रशासन और पुरातत्व विभाग से क्षेत्र का व्यापक सर्वेक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उनका क्षेत्र ऐतिहासिक तथ्य सामने आ सकते हैं।


