मेडिकल स्टोर बंद किए तो दर्ज हो सकता है मुकदमा
देहरादून, मुख्य संवाददाता। 20 मई को प्रस्तावित हड़ताल को लेकर औषधि विभाग ने सख्त रुख अपनाया। औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह ने इस पर केमिस्ट एसोसिएशन को पत्र लिखकर मेडिकल स्टोर बंद न रखने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि दवा बिक्री आवश्यक सेवा के दायरे में है। ऐसे में यदि मेडिकल स्टोर बंद होने से किसी मरीज को परेशानी हुई तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। औषधि नियंत्रक ने कहा कि ड्रग एक्ट के तहत दवा कारोबारी हड़ताल नहीं कर सकते। इसलिए सभी केमिस्टों से अपील की गई है कि वे हड़ताल के दौरान भी अपनी दुकानें खुली रखें, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
■ औषधि नियंत्रक बोले, दवा बिक्री है जरूरी सेवा, हड़ताल नहीं कर सकते
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आंदोलन: गौरतलब है कि देशभर के दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को आंदोलन का ऐलान किया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा। उत्तरांचल औषधि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बीएस मनकोटी ने कहा, यदि ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई तो कैमिस्टों के लिए कारोबार चलाना मुश्किल होगा। उन्होंने चेताया कि हालात नहीं बदले तो भविष्य में दुकानें बंद करनी पड़ेगी।


