सेलाकुई में भूमाफिया का आतंक: गरीब अनुसूचित जाति के किसान की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
देहरादून (उत्तराखंड): पछवादुन क्षेत्र के सेलाकुई थाना क्षेत्र में भूमाफिया द्वारा गरीब किसानों की जमीन हड़पने का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय भूमाफिया प्रशासन और पुलिस के साथ कथित जुगलबंदी कर अनुसूचित जाति के गरीब किसान देवीसिंह (पुत्र स्वर्गीय कांटू) की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।
पीड़ित किसान के अनुसार, भूमाफिया अपने लाव-लस्कर के साथ किसान की खेत में पहुंचा, खेत में लगे पेड़ों को जेसीबी मशीन से उखाड़ फेंका और खेत की रखवाली कर रहे अपंग व्यक्ति को बुरी तरह पीटा। पूरी घटना पड़ोसी ने देखी, लेकिन इसके बाद सिस्टम पड़ोसी के पीछे पड़ गया।
किसान ने सेलाकुई थाने और एसएसपी देहरादून को कई प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन न्याय नहीं मिला। बाद में कोर्ट ने आरोपीयों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए, लेकिन भूमाफिया की पकड़ के चलते पुलिस पर दबाव बनाया गया। चश्मदीद गवाह को ही आरोपी बना दिया गया और पीड़ित पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में भूमाफिया की तरफ से “सिंघम” बनकर दरोगा सुमेर पूरे प्रकरण को ऑपरेट कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि खाकी वर्दी वाले कुछ तत्व भूमाफिया के साथ मिले हुए हैं, जिससे गरीब किसान न्याय से वंचित हो रहे हैं।
उत्तराखंड पुलिस का स्लोगन “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” इस मामले में खोखला साबित हो रहा है, जब कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने के आरोप लग रहे हैं।
यह मामला उत्तराखंड में भूमाफिया और सिस्टम की मिलीभगत की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जहां गरीब और कमजोर वर्ग अपनी जमीन बचाने के लिए कोर्ट-कचहरी और सड़क दोनों पर संघर्ष कर रहा है।


