नगरासू गुरुद्वारे का गतिरोध समाप्त, चार निहंग सिख पंजाब रवाना
रुद्रप्रयाग: तीन दिनों से नगरासू के गुरुद्वारा दमदमा साहिब की छत और चौथी मंजिल पर कब्जा जमाए चार निहंग सिख आखिरकार प्रशासन और पुलिस से लंबी बातचीत के बाद नीचे उतर आए। मंगलवार को वे पंजाब के लिए रवाना हो गए, जिससे गुरुद्वारे में चला गतिरोध समाप्त हो गया।
निहंगों ने शनिवार दोपहर को गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया था और अपने साथियों की रिहाई की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर से निहंगों को बुलाया जाएगा।
घटना का क्रम
यह पूरा मामला 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुआ। हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे चार निहंग सिखों का एक स्थानीय होटल संचालक से वाहन पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि निहंगों ने तलवारें निकाल लीं और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में चार स्थानीय लोग घायल हो गए, जबकि एक निहंग भी घायल हुआ।
हमले के बाद तीन निहंग अपनी बाइकों पर गौचर की ओर फरार हो गए। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और सभी चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया। घायल निहंग का फिलहाल पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है।
गुरुद्वारे पर कब्जे की वजह
गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर निहंगों ने गुरुद्वारा दमदमा साहिब पर कब्जा कर लिया। वे गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के इस रवैये से भी नाराज थे कि प्रबंधन ने स्थानीय लोगों पर हुए हमले की घटना में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।
लंबी वार्ता के बाद निहंगों ने कब्जा छोड़ दिया और पंजाब लौटने का फैसला किया।
प्रशासन ने स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर संतोष जताया है। पूरे मामले की जांच जारी है।


