देहरादून: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए जारी दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए देहरादून पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के दौरान बिना अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे लाउडस्पीकरों पर सख्त कार्रवाई की गई।
पुलिस टीमों ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 43 धार्मिक स्थलों से निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर हटवाए गए।
अभियान के मुख्य बिंदु:
बिना सक्षम अनुमति के लगाए गए लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई।
निर्धारित ध्वनि मानकों (Decibel Limit) से अधिक आवाज वाले सिस्टम हटाए गए।
संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों को भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई।
अभियान के दौरान पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों को ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में जागरूक किया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी देहरादून ने कहा कि जनता की शांति और स्वास्थ्य की रक्षा करना पुलिस की प्राथमिकता है। ध्वनि प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि सार्वजनिक शांति व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। पुलिस इस अभियान को निरंतर जारी रखेगी और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का स्वयं पालन करें और उल्लंघन की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
दून पुलिस का संदेश: शांति भरा और प्रदूषण मुक्त वातावरण — सबका अधिकार।


