सहसपुर (उत्तराखंड): हरेला पर्व के अवसर पर उद्यान विभाग कार्यालय सहसपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभाग प्रभारी श्रीमती नूतन राणा ने विभागीय कर्मचारियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती नूतन राणा ने कहा कि “वृक्ष धरती का गहना हैं।” उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए लोगों को सबक लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान लोग ऑक्सीजन के लिए किस कदर भटकते रहे थे। कई लोग पर्वतीय इलाकों को छोड़कर पहाड़ी क्षेत्रों में बने फार्म हाउस में छिपकर अपनी जान बचाने को मजबूर हुए थे।
श्रीमती राणा ने आगे कहा, “अपनी आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए हरेक व्यक्ति को वृक्ष लगाने चाहिए। ताकि भविष्य में धरती वृक्षों से सजी रहे और आने वाली पीढ़ियों को ऑक्सीजन की कमी ना हो।”
विभागीय कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया
इस अवसर पर उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता फैलाना और हरेला पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था।
हरेला उत्तराखंड का प्रमुख त्योहार है, जिसे पर्यावरण संरक्षण और वन संवर्धन से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। इस मौके पर वृक्षारोपण अभियान को और गति देने का संकल्प लिया गया।
प्रशासन की मुहिम
उद्यान विभाग ने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने और आम जनता को वृक्षारोपण में शामिल करने की बात कही है। विभाग का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही हम एक स्वच्छ और हरा-भरा उत्तराखंड बना सकते हैं।
यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा।


