उत्तराखंड हाईकोर्ट से SDO राजीव नयन नौटियाल को बड़ी राहत: सस्पेंशन आदेश रद्द
देहरादून: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वन विभाग के SDO राजीव नयन नौटियाल का सस्पेंशन आदेश रद्द कर दिया है। इस फैसले को धामी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अदालत ने सरकार द्वारा उनके निलंबन को पूरी तरह खारिज कर दिया। SDO नौटियाल लंबे समय से चकराता-कालसी-विकासनगर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे थे और माफियाओं के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे।
क्या था मामला?
वन विभाग के इस अधिकारी पर वन मंत्री के कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने का आरोप लगाकर सस्पेंशन की कार्रवाई की गई थी। जून 2026 के अंत में यह आदेश जारी किया गया था।
SDO नौटियाल ने क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें दर्ज कराई थीं और माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था। इसके बावजूद उन्हें निलंबित कर दिया गया, जिसे कई लोगों ने ‘सजा’ की बजाय ‘इनाम’ का उल्टा रूप बताया।20d598
हाईकोर्ट के इस फैसले ने न केवल अधिकारी की ईमानदारी को मजबूती दी है, बल्कि सरकार की कार्रवाई और मंशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारी की बहादुरी
राजीव नयन नौटियाल को खनन माफियाओं के हमले का भी सामना करना पड़ा था।
फरवरी 2026 में उन पर हमला हुआ, जिसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस स्टेशन के पूरे स्टाफ के तबादले का आदेश दिया था।
अदालत ने कई मौकों पर राज्य सरकार और पुलिस की खनन माफियाओं से संभावित मिलीभगत पर सवाल उठाए थे।
सत्यमेव जयते की मिसाल पेश करते हुए हाईकोर्ट का यह फैसला ईमानदार अधिकारियों के लिए प्रोत्साहन साबित हो रहा है। उत्तराखंड में कई लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं और SDO नौटियाल की जांबाजी की तारीफ कर रहे हैं।
सरकार की ओर से अभी इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह फैसला साबित करता है कि तंत्र कितना भी दबाने की कोशिश करे, न्याय की अदालत में सत्य की जीत होती है। पूरा उत्तराखंड आज इस जांबाज अधिकारी को सलाम कर रहा है।


