विकासनगर हरेला पर्व के अवसर पर विकासनगर पटवारी श्रीमती मीनाक्षी कठेत ने ग्राम पंचायत भीमावला में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने स्थानीय स्तर पर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल की।
श्रीमती मीनाक्षी कठेत ने वृक्षारोपण करते हुए कहा, “वृक्ष धरा का गहना हैं। भविष्य में मानव जीवन को संरक्षित करते हुए वृक्षारोपण करना आवश्यक है।” उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हरेला जैसे पर्वों को पर्यावरण संरक्षण के अवसर के रूप में उपयोग करें और अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति को संरक्षित करने में अपना योगदान दें।
यह कार्यक्रम हरेला पर्व की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पटवारी श्रीमती मीनाक्षी कठेत के इस प्रयास की सराहना की जा रही है, क्योंकि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन के बीच वृक्षारोपण अत्यंत जरूरी हो गया है।
हरेला पर्व उत्तराखंड की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है, जिसमें प्रकृति पूजा और वृक्षारोपण को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रीमती कठेत जैसी जिम्मेदार अधिकारीयों द्वारा ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का कार्य करता है।
प्रशासन और स्थानीय नागरिकों से अपेक्षा है कि ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हराभरा पर्यावरण मिल सके।


