उत्तराखंड मौसम अपडेट: बढ़ती गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी संभावित
देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचाई वाले पर्वतीय जनपदों तक तापमान में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में इस बार सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में राहत मिलने के आसार हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मैदानी जिलों में तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हुई है, जबकि पर्वतीय जनपदों में यह बढ़ोतरी 4 डिग्री तक पहुंच गई है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले पहाड़ी इलाकों में यह असामान्य गर्मी जनजीवन को प्रभावित कर रही है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के साथ रात में भी तापमान में खास गिरावट नहीं देखी जा रही है।
राहत की खबर: अगले 24 घंटों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों (24 अप्रैल) के दौरान राज्य के कई पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इनमें उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के साथ गर्जन की भी संभावना है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है।
25, 26 और 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, उधम सिंह नगर और हरिद्वार जैसे कुछ मैदानी जिलों को छोड़कर पहाड़ी इलाकों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहेंगी। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक बढ़ेगी।
हल्की बर्फबारी और तेज हवाओं का अलर्ट
28 अप्रैल से मौसम में और बदलाव आने की संभावना है। पर्वतीय जनपदों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, खासकर 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने के आसार हैं। यह ट्रेकिंग और पर्वतारोहण करने वालों के लिए महत्वपूर्ण है।
मौसम विभाग ने 25 अप्रैल से अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, खासकर 28 अप्रैल को हवा की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों और पर्यटकों पर प्रभाव
यह मौसम परिवर्तन सामान्य अप्रैल की गतिविधियों का हिस्सा है, लेकिन अचानक तापमान बढ़ना और फिर बारिश-बर्फबारी मौसम की अस्थिरता को दिखाता है।
किसानों के लिए यह मिला-जुला संकेत है — बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन तेज हवाएं और अचानक बदलाव नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पर्यटन क्षेत्र में ठंडक और बर्फबारी आकर्षण बढ़ा सकती है, लेकिन खराब मौसम यात्रा को प्रभावित कर सकता है।
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सी.एस. तोमर ने कहा कि आने वाले दिनों में पर्वतीय जनपदों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के संकेत मिल रहे हैं।
सलाह: पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटक और ट्रेकर्स मौसम अपडेट चेक करते रहें और सड़कों पर सतर्कता बरतें। किसान फसलों की सुरक्षा का ध्यान रखें।


